एक कोमल कहानी बच्चों को शांत करने में मदद करती है। मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की शैली की एक आरामदायक कहानी इसके लिए एकदम सही है। यह पूर्वस्कूली बच्चों के लिए एक छोटी सी सोने की कहानी है। यह कोमल शब्दों और शांत क्रियाओं का उपयोग करती है। यह सब सोने के लिए तैयार होने के बारे में है। यहाँ उस सुखदायक शैली में एक नई कहानी है। इसमें एक नरम जानवर है। इसमें एक गर्म कंबल है। इसमें घर की ओर एक धीमी चाल है। इस कोमल मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की कहानी को अपने बच्चे को शांति और शांत खोजने में मदद करने दें। आइए एक छोटे खरगोश की शुभ रात्रि की कहानी शुरू करें।
सोने वाले छोटे खरगोश की शुभ रात्रि
सूरज डूब गया। आकाश नरम और बैंगनी था। बुन नाम का एक छोटा खरगोश अपनी खिड़की से बाहर देखता था। "सोने का समय हो गया है," बुन ने धीरे से कहा। उसने एक बड़ी जम्हाई ली। हा-आआ।
बुन के पास एक नरम, नीला कंबल था। यह उसकी सबसे पसंदीदा चीज थी। उसने इसे कसकर पकड़ लिया। कंबल गर्म था। गुदगुदी, गुदगुदी। "मेरी मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों का समय आ गया है," बुन ने अपने कंबल से फुसफुसाया।
बुन अपनी किताबों की अलमारी के पास गया। कदम, कदम, कदम। वह बहुत धीरे-धीरे चला। उसने एक बड़ी किताब निकाली। किताब में चाँद की एक तस्वीर थी। यह उसकी मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की किताब थी। उसने इसे सावधानी से उठाया।
बुन सीढ़ियों की ओर चला। उसने कंबल पकड़ा। उसने किताब पकड़ी। वह सीढ़ियाँ चढ़ गया। एक कदम... दो कदम... तीन कदम... वह धीरे-धीरे चला। उसे कोई जल्दी नहीं थी। सोने का समय धीमा समय होता है।
वह शीर्ष पर पहुँचा। वह अपने कमरे में गया। उसका कमरा आरामदायक था। उसके पास एक छोटा सा दीपक था। यह एक पीले रंग की रोशनी के साथ चमकता था। क्लिक। बुन ने लैंप चालू किया। कमरा गर्म और सुनहरा था।
बुन ने अपनी किताब बिस्तर पर रख दी। उसने अपना नरम, नीला कंबल फैला दिया। फ्लंप। कंबल ने बिस्तर को ढक दिया। यह चिकना और तैयार था। बुन बिस्तर पर चढ़ गया। वह अपने तकिये के सहारे बैठ गया। उसने बड़ी किताब खोली।
यह उसकी मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों का समय था। उसे यह समय बहुत पसंद था। किताब में शांत कहानियाँ थीं। सोने वाले बादलों की कहानियाँ। शांत सितारों की कहानियाँ। बुन ने खुद से पढ़ना शुरू किया। उसकी आवाज़ एक धीमी फुसफुसाहट थी।
"पहली कहानी एक तारे के बारे में है," बुन ने पढ़ा। "तारे ने अंधेरे आकाश में आँख मारी। टिमटिमाना। उसने चाँद को शुभ रात्रि कहा। शुभ रात्रि, चाँद। फिर वह सो गया।"
बुन ने अपनी खिड़की की ओर देखा। उसने एक तारा देखा। "शुभ रात्रि, तारे," बुन ने फुसफुसाया। तारे ने वापस टिमटिमाया। टिमटिमाना।
बुन ने अपनी मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की किताब से एक और कहानी पढ़ी। "यह कहानी एक नींद वाले भालू के बारे में है। भालू को एक गुफा मिली। गुफा अंधेरी और शांत थी। भालू ने जम्हाई ली। जम्हाई। वह एक गेंद में सिमट गया। वह गहरी नींद में सो गया।"
बुन को भी नींद आ रही थी। उसने थोड़ी सी जम्हाई ली। हाआ। उसने अपना कंबल ऊपर खींचा। कंबल बहुत गर्म था। गुदगुदी।
बुन ने पन्ना पलटा। एक और कहानी। "यह कहानी हवा के बारे में है। हवा पेड़ों से धीरे-धीरे गुजरी। श्ह्ह्ह्ह। उसने पत्तियों से फुसफुसाया। सो जाओ, छोटी पत्तियाँ। पत्तियाँ धीरे-धीरे सरसराहट करती थीं। सरसराहट, सरसराहट। फिर वे शांत हो गए।"
बुन ने सुना। उसने अपनी खिड़की के बाहर हवा सुनी। श्ह्ह्ह्ह। यह एक कोमल ध्वनि थी। एक नींद भरी आवाज़। उसने मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की किताब बंद कर दी। उसने इसे अपनी नाइटस्टैंड पर रख दिया। थपथपाना।
अब, शुभ रात्रि कहने का समय आ गया था। बुन ने अपने लैंप को शुभ रात्रि कहा। "शुभ रात्रि, लैंप," उसने फुसफुसाया। उसने लैंप बंद कर दिया। क्लिक। कमरा नरम और अंधेरा था।
बुन ने अपनी कुर्सी को शुभ रात्रि कहा। "शुभ रात्रि, कुर्सी।" बुन ने अपने खिलौने के ट्रक को शुभ रात्रि कहा। "शुभ रात्रि, ट्रक।" बुन ने फर्श पर अपने मोज़े को शुभ रात्रि कहा। "शुभ रात्रि, मोज़े।"
उसने अपना नरम, नीला कंबल अपनी ठुड्डी तक खींचा। कंबल गर्म था। यह सुरक्षित था। उसने अपने कंबल को शुभ रात्रि कहा। "शुभ रात्रि, कंबल," उसने बुदबुदाया। गुदगुदी।
बुन ने खिड़की की ओर देखा। चाँद चमक रहा था। यह आकाश में एक चाँदी की मुस्कान थी। "शुभ रात्रि, चाँद," बुन ने फुसफुसाया।
उसकी आँखें भारी लग रही थीं। उसकी साँस धीमी थी। अंदर... बाहर... अंदर... बाहर। उसने कहानियों के बारे में सोचा। सोने वाला तारा। आरामदायक भालू। शांत हवा। वे सब अब सो रहे थे। अब उसकी बारी थी।
बुन की माँ कमरे में झाँकी। उसने बुन को सोते हुए देखा। उसने नाइटस्टैंड पर मैरिलिन चैम्बर्स की सोने की कहानियों की किताब देखी। वह मुस्कुराई। वह कमरे में चुपके से गई। उसने बुन के माथे को चूमा। "शुभ रात्रि, मेरे छोटे खरगोश," उसने फुसफुसाया। म्वा।
बुन अपनी नींद में मुस्कुराया। वह सपने देख रहा था। शांत सितारों और नरम कंबलों के सपने। कोमल हवाओं और नींद वाले भालुओं के सपने। वह सुरक्षित था। वह गर्म था। वह घर पर था।
घर शांत था। चाँद चमकता रहा। हवा फुसफुसाती रही। श्ह्ह्ह्ह। हर कोई सो रहा था। छोटा खरगोश। तारा। भालू। पत्तियाँ। सब शांत था। सब शांत था। शुभ रात्रि।

