कौन सा युद्ध फोटोग्राफर "महान ग्यारह" को कैद करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालता है? सेलिब्रिटी कहानी: रॉबर्ट कापा

कौन सा युद्ध फोटोग्राफर "महान ग्यारह" को कैद करने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालता है? सेलिब्रिटी कहानी: रॉबर्ट कापा

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क्या आपने कभी सैनिकों की धुंधली काले और सफेद तस्वीर देखी है जो पानी में चलकर समुद्र तट की ओर बढ़ रहे हैं? यह छवि अस्थिर है। पुरुष मुश्किल से दिखाई दे रहे हैं। लेकिन आप डर महसूस करते हैं। आप अराजकता महसूस करते हैं। यह एक रॉबर्ट कापा की तस्वीर है। यह सेलिब्रिटी कहानी: रॉबर्ट कापा आपको इतिहास के सबसे महान युद्ध फोटोग्राफर से मिलवाएगी। वह हंगरी में पैदा हुए थे। उन्होंने नाज़ियों से भाग लिया। उन्होंने पांच अलग-अलग युद्धों की तस्वीरें खींचीं। वह डी-डे पर ओमाहा समुद्र तट पर पहले सैनिकों की लहर के साथ उतरे। उस दिन की उनकी तस्वीरें किंवदंती बन गईं। उन्होंने कहा, "अगर आपकी तस्वीरें अच्छी नहीं हैं, तो आप करीब नहीं हैं।" वह बहुत करीब गए। वह 40 वर्ष की आयु में युद्धभूमि पर मारे गए।

आइए उस व्यक्ति से मिलते हैं जो खतरे की ओर दौड़ा। रॉबर्ट कापा का मानना था कि फोटोग्राफरों को सच्चाई का दस्तावेज़ बनाना चाहिए।

यह सेलिब्रिटी कौन है?
रॉबर्ट कापा एक हंगेरियन जन्मे युद्ध फोटोग्राफर थे। उन्होंने 1913 से 1954 तक जीवन व्यतीत किया। उन्होंने पांच युद्धों को कवर किया: स्पेनिश गृह युद्ध, द्वितीय साइनो-जापानी युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 1948 अरब-इजरायली युद्ध, और पहले इंडोचाइना युद्ध। उन्होंने मैग्नम फोटोज़ की सह-स्थापना की, जो प्रसिद्ध फोटो एजेंसी है।

वह प्रसिद्ध क्यों हैं? उन्होंने स्पेनिश गृह युद्ध की सबसे प्रतिष्ठित तस्वीरें खींचीं। उनकी तस्वीर "गिरता हुआ सैनिक" एक रिपब्लिकन सैनिक को ठीक उसी क्षण दिखाती है जब उसे गोली लगती है। यह छवि धुंधली और वास्तविक है। इसने कापा को प्रसिद्ध बना दिया। उन्होंने ओमाहा समुद्र तट पर डी-डे लैंडिंग की भी तस्वीरें खींचीं। वह पहले लहर के साथ किनारे पर जाने वाले एकमात्र फोटोग्राफर थे। उन्होंने 106 तस्वीरें खींचीं। एक डार्करूम तकनीशियन ने ज्यादातर को गलती से नष्ट कर दिया। केवल 11 बच गईं। उन्हें "महान ग्यारह" कहा जाता है। ये कभी ली गई सबसे प्रसिद्ध युद्ध तस्वीरों में से हैं।

प्रारंभिक जीवन और बचपन
रॉबर्ट कापा का जन्म बुडापेस्ट, हंगरी में हुआ था। उनका असली नाम एंड्रे फ्राइडमैन था। उनका परिवार यहूदी था। वे अमीर नहीं थे, लेकिन आरामदायक थे। उनके पिता एक दर्जी थे।

वह एक विद्रोही लड़का था। वह मुसीबत में पड़ जाता था। उसे विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया। उसे पर्चे बांटने के लिए गिरफ्तार किया गया। हंगरी में राजनीतिक स्थिति तनावपूर्ण थी।

वह लेखक बनना चाहता था। उसने विश्वविद्यालय में पढ़ाई की। लेकिन उसने 1931 में हंगरी छोड़ दिया। वह 18 वर्ष का था। वह बर्लिन चला गया। उसने पत्रकारिता का अध्ययन किया। उसे एक डार्करूम में नौकरी मिली। उसने फिल्म विकसित करना सीखा। उसने तस्वीरें लेना भी सीखा।

उसने नाज़ियों के उदय को देखा। उसे पता था कि वह खतरे में है। वह एक यहूदी था। वह एक वामपंथी था। उसने 1933 में पेरिस के लिए भाग लिया। उसके पास पैसे नहीं थे। उसके पास नौकरी नहीं थी। वह थोड़ा फ्रेंच बोलता था।

पेरिस में, उसने एक जर्मन फोटोग्राफर गेरडा तारो से मुलाकात की। वह उसकी प्रेमिका और साथी बन गई। उन्होंने एक नया नाम मिलकर बनाया। उन्होंने उसे "रॉबर्ट कापा" कहा। यह अमेरिकी जैसा लगता था। यह ग्लैमरस लगता था। उन्होंने सोचा कि यह बेहतर बिकेगा।

शिक्षा और सीखने की यात्रा
रॉबर्ट कापा ने बर्लिन में एक डार्करूम में फोटोग्राफी सीखी। उसने तकनीकी कौशल सीखे। उसने फिल्म विकसित करना और प्रिंट बनाना सीखा। उसने एक लीका कैमरा का उपयोग करना भी सीखा। लीका छोटा और पोर्टेबल था। वह इसे कहीं भी ले जा सकता था।

उसने करने के द्वारा सीखा। उसने राजनीतिक घटनाओं की तस्वीरें लेना शुरू किया। उसने एक रैली की तस्वीर खींची। उसने एक विरोध प्रदर्शन की तस्वीर खींची। उसने अपनी तस्वीरें पत्रिकाओं को बेचना शुरू किया।

उसका बड़ा ब्रेक 1936 में आया। स्पेनिश गृह युद्ध छिड़ गया। वह और गेरडा तारो स्पेन गए। उन्होंने युद्ध की तस्वीरें खींचीं।

उसने सितंबर 1936 में "गिरता हुआ सैनिक" लिया। यह तस्वीर एक सैनिक को ठीक उसी क्षण दिखाती है जब उसे गोली लगती है। आदमी पीछे की ओर गिरता है। उसके हाथ फैले हुए हैं। तस्वीर धुंधली है। यह वास्तविक है। यह विनाशकारी है।

यह तस्वीर दुनिया भर में प्रकाशित हुई। यह युद्ध का प्रतीक बन गई। रॉबर्ट कापा प्रसिद्ध हो गए।

गेरडा तारो 1937 में मारी गईं। वह एक टैंक के नीचे आ गईं। वह 26 वर्ष की थीं। कापा को गहरा सदमा लगा। वह कभी भी उसकी मौत से उबर नहीं पाए। उन्होंने अपनी जिंदगी के बाकी हिस्से में उसकी तस्वीर अपने बटुए में रखी।

वे सफल कैसे हुए?
रॉबर्ट कापा साहस और किस्मत के माध्यम से सफल हुए। वह उस जगह गए जहां लड़ाई हो रही थी। वह करीब गए। बहुत करीब।

1938 में, वह जापानी आक्रमण की तस्वीरें लेने के लिए चीन गए। उन्होंने पीड़ित नागरिकों की शक्तिशाली छवियाँ खींचीं।

जब द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ा, वह न्यूयॉर्क में थे। उन्होंने यूरोप से भाग लिया था। वह लाइफ पत्रिका के लिए फोटोग्राफर बन गए। लाइफ अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण फोटो पत्रिका थी।

उन्होंने उत्तरी अफ्रीका और इटली में युद्ध की तस्वीरें खींचीं। वह 6 जून 1944 को डी-डे पर ओमाहा समुद्र तट पर उतरे। वह अमेरिकी सैनिकों की पहली लहर के साथ थे। वह पानी में चल रहे थे। गोलियां उनके पास से गुजरीं। उन्होंने 106 तस्वीरें खींचीं। उन्होंने फिल्म लंदन भेजी।

एक डार्करूम तकनीशियन बहुत उत्सुक था। उसने फिल्म को बहुत जल्दी सुखा दिया। इमल्शन पिघल गई। छवियाँ नष्ट हो गईं। केवल 11 फ्रेम बचे। वे धुंधले हैं। वे अस्थिर हैं। वे परिपूर्ण हैं। वे डी-डे की अराजकता और आतंक को कैद करते हैं।

युद्ध के बाद, उन्होंने 1947 में मैग्नम फोटोज़ की सह-स्थापना की। इस एजेंसी ने फोटोग्राफरों को अपने काम का मालिकाना हक दिया। यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध फोटो एजेंसी बन गई।

1954 में, वह पहले इंडोचाइना युद्ध को कवर करने गए। वह वियतनाम में थे। वह एक फ्रांसीसी रेजिमेंट के साथ गए। वह सैनिकों के आगे चल रहे थे। उन्होंने एक भूमि खदान पर कदम रखा। वह तुरंत मारे गए। वह 40 वर्ष के थे।

बड़े विचार और उपलब्धियाँ
रॉबर्ट कापा का सबसे बड़ा विचार था "और करीब जाओ।" उन्होंने कहा, "अगर आपकी तस्वीरें अच्छी नहीं हैं, तो आप करीब नहीं हैं।" उन्होंने इस नियम के अनुसार जीवन व्यतीत किया। वह कार्रवाई के जितना संभव हो सके करीब गए।

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि "महान ग्यारह" है। डी-डे की उन 11 तस्वीरें 20वीं सदी की कुछ सबसे महत्वपूर्ण छवियाँ हैं। वे धुंधली हैं। वे अस्थिर हैं। वे वास्तविक हैं। आप लगभग धुएं की गंध और गोलियों की आवाज सुन सकते हैं।

एक और बड़ी उपलब्धि "गिरता हुआ सैनिक" है। उस तस्वीर पर वर्षों से बहस हुई है। क्या यह असली है? या यह मंचित है? अधिकांश विशेषज्ञ मानते हैं कि यह असली है। यह मृत्यु के ठीक क्षण को कैद करता है। इससे पहले किसी ने ऐसा नहीं किया था।

उन्होंने मैग्नम फोटोज़ की सह-स्थापना भी की। मैग्नम ने फोटोग्राफरों को अपनी कहानियाँ बताने की अनुमति दी। इसने फोटो पत्रकारिता को बदल दिया। आज, मैग्नम अभी भी स्वर्ण मानक है।

उन्होंने युवा फोटोग्राफरों को भी मेंटर किया। वह उदार थे। उन्होंने दूसरों की मदद की।

चुनौतियाँ और कठिन समय
रॉबर्ट कापा ने भयानक चुनौतियों का सामना किया। पहले, वह नाज़ी यूरोप में एक यहूदी थे। उन्हें अपनी जान के लिए भागना पड़ा।

दूसरा, उनकी साथी गेरडा तारो की हत्या कर दी गई। उन्होंने खुद को दोषी ठहराया। वह कभी ठीक नहीं हुए।

तीसरा, उनके अधिकांश डी-डे की तस्वीरें नष्ट हो गईं। यह एक आपदा थी। वह गुस्सा हो सकते थे। वह नहीं हुए। उन्होंने आगे बढ़ गए।

चौथा, वह लगातार खतरे में थे। उन पर गोली चलाई गई। उन पर बमबारी की गई। वह जीवित रहे। जब तक वह जीवित नहीं रहे।

पांचवां, उन्हें जुए की समस्या थी। उन्होंने पैसे खो दिए। उन्होंने पैसे उधार लिए। वह हमेशा इसे चुकाने में सक्षम रहे।

सेलिब्रिटी के बारे में मजेदार तथ्य
रॉबर्ट कापा को युद्ध फोटोग्राफर कहलाना पसंद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह एक फोटोग्राफर हैं। युद्ध केवल उनका विषय था।

एक और मजेदार तथ्य: वह अर्नेस्ट हेमिंग्वे के दोस्त थे। हेमिंग्वे एक प्रसिद्ध लेखक थे। वे साथ में शराब पीते थे।

उन्हें पोकर खेलना पसंद था। वह लगातार जुए में लिप्त रहते थे।

उन्होंने महंगे सूट पहने। वह एक फिल्म स्टार की तरह दिखते थे।

एक और तथ्य: उनके भाई, कॉर्नेल कापा, भी एक प्रसिद्ध फोटोग्राफर थे। कॉर्नेल ने न्यूयॉर्क में इंटरनेशनल सेंटर ऑफ फोटोग्राफी की स्थापना की।

यह सेलिब्रिटी आज क्यों महत्वपूर्ण है?
रॉबर्ट कापा महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उन्होंने युद्ध की वास्तविकता को दिखाया। उनके पहले, युद्ध फोटोग्राफी अक्सर मंचित होती थी। उन्होंने अराजकता को दिखाया। उन्होंने डर को दिखाया। उन्होंने मृत्यु को दिखाया।

वह यह भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उन्होंने फोटोग्राफरों की पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनका नारा "और करीब जाओ" अभी भी सिखाया जाता है। मैग्नम फोटोज़ अभी भी संचालित हो रहा है।

उनकी तस्वीरें संग्रहालयों में हैं। वे किताबों में हैं। वे हमारी यादों में हैं।

माता-पिता उनके कहानी का उपयोग बच्चों को साहस के बारे में सिखाने के लिए कर सकते हैं। कापा डर गए थे। फिर भी वह गए।

बच्चे इस कहानी से क्या सीख सकते हैं?
बच्चे रॉबर्ट कापा से शक्तिशाली सबक सीख सकते हैं। पहले, करीब जाओ। कापा कार्रवाई के करीब गए। अपने जीवन में, उस चीज़ के करीब जाओ जो मायने रखती है। अपने दोस्तों के करीब जाओ। अपने काम के करीब जाओ। पीछे मत रहो।

दूसरा, बहादुर बनो। कापा बहुत डर गए थे। फिर भी वह गए। साहस डर के अभाव में नहीं है। यह डर के बावजूद कार्य करना है।

तीसरा, सच बताओ। कापा ने अपनी तस्वीरों को मंचित नहीं किया। उन्होंने युद्ध के बारे में सच बताया। अपनी कला में सच बताओ। नाटक मत करो।

अंत में, पूरी तरह से जियो। कापा 40 वर्ष की आयु में मरे। उन्होंने उन 40 वर्षों में अधिक जीवन जिया जितना अधिकांश लोग 80 में जीते हैं। हर दिन को महत्वपूर्ण बनाओ।

त्वरित प्रश्नोत्तरी या अभ्यास समय
आइए देखें कि आपने इस सेलिब्रिटी कहानी: रॉबर्ट कापा से क्या सीखा। इन प्रश्नों का उत्तर माता-पिता के साथ या अकेले दें।

रॉबर्ट कापा का सबसे प्रसिद्ध नारा क्या है?

कौन सी प्रसिद्ध लड़ाई की तस्वीर कापा ने 6 जून 1944 को खींची?

कितनी डी-डे की तस्वीरें कापा की बच गईं?

कौन सी फोटो एजेंसी की सह-स्थापना कापा ने की?

कापा की मृत्यु कैसे हुई?

यहां एक मजेदार गतिविधि है जो बड़े बच्चों के लिए माता-पिता की देखरेख में है। अपने माता-पिता के साथ ऑनलाइन रॉबर्ट कापा की "महान ग्यारह" को खोजें। धुंधली छवियों को देखें। कल्पना करें कि आप वहां थे। लिखें कि आपको क्या लगता है कि सैनिकों ने कैसा महसूस किया।

एक और गतिविधि। करीब जाने का अभ्यास करें। एक दोस्त की तस्वीर कमरे के पार से लें। फिर तीन फीट की दूरी से एक तस्वीर लें। कौन सी बेहतर है? कापा कहेंगे कि करीब वाली। इसे आजमाएं।

रॉबर्ट कापा का जन्म हंगरी में हुआ। उन्होंने नाज़ियों से भाग लिया। वह गेरडा तारो से प्यार में पड़ गए। वह मर गईं। उन्होंने अपनी तस्वीर अपने बटुए में रखी। उन्होंने स्पेनिश गृह युद्ध की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने गिरते हुए सैनिक को कैद किया। वह ओमाहा समुद्र तट पर उतरे। उन्होंने 106 तस्वीरें खींचीं। केवल 11 बच गईं। वे धुंधली हैं। वे परिपूर्ण हैं। उन्होंने मैग्नम की सह-स्थापना की। उन्होंने कहा "और करीब जाओ।" उन्होंने वियतनाम में एक भूमि खदान पर कदम रखा। वह 40 वर्ष की आयु में मरे। उन्होंने हजारों जीवन जिए। उनकी कहानी हमें साहसी होना सिखाती है। करीब जाने के लिए। सच बताने के लिए। यही इस सेलिब्रिटी कहानी का असली सबक है। नोट: कापा की युद्ध और मृत्यु की तस्वीरें तीव्र हैं। कृपया छोटे बच्चों के साथ साझा करने से पहले पूर्वावलोकन करें। छोटे दर्शकों के लिए उनके साहस और उनके नारे "और करीब जाओ" पर ध्यान केंद्रित करें।